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एक ही तालाब में मछली और बत्तख पालकर लाखों रुपए महीना कैसे कमाए।

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fish and dusk farming

पूरी जानकारी पाने के लिए आर्टिकल अंत तक जरूर पढ़ें।

भारत में बहुत से ऐसे युवा हैं। जो कि अपनी नौकरी से परेशान हैं। उन्हें ऐसा महसूस होता है कि क्यों हम इतने टैलेंटेड होते हुए भी दूसरों के लिए काम कर रहे हैं।दूसरों के लिए अपना समय दे रहे हैं और हमें क्या मिलता है एक छोटी सी सैलरी और कुछ भी नहीं तो उन्हें लगता है कि हम अपना खुद का क्या काम करें? और उसके लिए पैसे कहां से आएंगे तो दोस्तों आज हम लोग एक ऐसे बिजनेस के बारे में बात करने जा रहे हैं जो कि आप अपने गांव में रह कर के भी कर सकते हैं और इस बिजनेस के मालिक भी आप होंगे और दूसरे को भी रोजगार दे सकते हैं। आज हम लोग बात करेंगे मछली पालन के बारे में।

मछली पालन कैसे करते हैं ?

दोस्तों ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि मछली पालन वही लोग करते हैं जो पढ़े-लिखे नहीं होते हैं।आज के समय में मछली पालन इंस्टालेबल पर किया जाता है और बहुत से पढ़े लिखे लोग हैं। जो इस काम को करते हुए आसमान की ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

एक बार इस आर्टिकल को जरूर पढ़िए तब आपको समझ में आएगा कि असली मछली पालन होता क्या है? पढ़िए हमने कैसे मछली पालन का काम किया हुआ है बत्तख पालन के साथ-साथ अब हम लोग बात करेंगे मछली पालन कैसे करें?

वह मैं आपको अपने अनुभव के हिसाब से समझाऊं इस आर्टिकल में दोस्तों सबसे पहले आप अपने खेत में जहां आपको तालाब बनाना हैं।वहां की लंबाई चौड़ाई अपने हिसाब से ले लीजिए हम लोगों ने स्क्वायर के हिसाब से जगा लिया था।

जिसकी लंबाई और चौड़ाई दोनों बराबर थी और गड्ढा आप बहुत अधिक मत रखिए चार से 5 फीट गड्ढा बहुत है तालाब खोदने के बाद उसके चारों तरफ ऊंची अमीर जरूर बना दीजिए और जब तालाब खुद जाए तो पढ़िए हमने क्या किया है गोबर की खाद डाली सड़े हुए गोबर की और उसके साथ यूरिया डाला है ताकि पानी भरने के बाद इस पानी में काई जम जाए जो की मछलियों के खाने का आहार भी बन जाए।

उसके बाद हम लोगों ने अपने तालाब में पानी भर दिया की सोलर पंप मदद से यहां पर हम लोगों ने सोलर पंप लगाया हुआ हैं। अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं तो मुझे पता है कि सरकार आपको खेत की सिंचाई के लिए सोलर पंप उपलब्ध कराती हैं।

आपके पास भी अगर खेत है तो आप सोलर पंप के लिए अप्लाई कर सकते हैं जिसमें सरकार आपकी मदद करती है अनुदान देखकर। पानी का तालाब पर जाने के बाद हम लोगों ने मछली का आर्डर दिया एक व्यापारी को।

मछली के जो छोटे बच्चे हैं सिंगर साइज का लेना मुझे लगता है कि अच्छा है आपकी एक उंगली के बराबर का अगर बच्चा मिलता है तो आप उसे खरीद लीजिए।

मछली कैसे आई?

मछली को एक टेंपो ऑटो में एक त्रिपाल प्लास्टिक का चादर बिछा कर उसमें पानी भर कर के और मछली के बच्चे को उस में डाल कर के लाया गया और व्यापारी से हम लोगों ने तीन तरह की मछली ली थी जिसमें रोती गृस्थी चाइना थी।

हमारी फार्म की दूरी व्यापारी के तलाब से लगभग 6 से 7 किलोमीटर दूर थी इतने दूर का सफर तय करते हुए व्यापारी पानी में मछलियों के बच्चों को कैसे लाया वह उसको जितनी भी लंबी आप की जरनी है आप पूरी में पानी को हिलाते रहिए ताकि पानी में ऑक्सीजन बना रहे और आपका बच्चा मरेगा नहीं।

दोस्तों जब आप मछली खरीदने जाएंगे तो उसको गिन कर नहीं सकते क्योंकि मछलियां हजारों में होती है आप जब भी मछली खरीदेंगे तो उसको किलो के हिसाब से खरीदेंगे लेकिन सावधान जब भी आप मछली खरीदने जाए तो क्योंकि आप नए हैं तो किसी ऐसे व्यक्ति को जरूर अपने साथ ले कर के जो कि अनुभवी हो जिसने पहले मछली का बच्चा यानी जीरा खरीदा हो।

क्योंकि जब आप मछली खरीदने जाएंगे तो यहीं पर व्यापारी आपके साथ धोखा करेगा और अपने गलत तराजू से आपको मछली तौर करके दे देगा दूसरी सावधानी क्या है? कि जब आप मछली खरीदेंगे तो अधिकता गिर धारी यहां पर तो ऐसा ही हैम छली होती है बाकी जो मिला कर देगा वह सस्ती मछली होती है उसकी डिमांड उतनी अधिक नहीं हैं।

वह सस्ता मार्केट में बिकता है तो दोस्तों आप कोशिश करिए कि जो अच्छी मछली है जिसके डिमांड मार्केट में अधिक है। आपके शहर में आप उसी मछली का बच्चा लेकर अपने तालाब में डालिए दोस्तों हम लोगों ने मछली का बच्चा तालाब में डाल दिया और अब हम लोगों ने सोचना शुरू कर दिया कि कब मछली जल्दी से बड़ी होगी।

और हम उसको निकाल लेंगे और उसको मार्केट में भेज देंगे हम लोगों ने मछली का बच्चा ₹300 किलो के हिसाब से खरीदा था। कुछ लोग मछली को स्टार्टर खिलाते हैं जो कि आसानी से बाजार में मिल जाता है पर हम लोगों ने आज तक मछली को खरीदा हुआ खाना नहीं खिलाया क्या खिलाया वह हम आगे आपको दिखा करके बात करेंगे जो कि सच में बहुत अनोखी बात है और सीखने वाली चीज हैं।

मछली पालन के साथ साथ बत्तख पालन कैसे करें?

दोस्तों, मछली पालन के साथ साथ हम लोगों ने बत्तख पालन का भी काम इसी तालाब में शुरू कर दिया क्योंकि हमें ऐसा लगता था कि हम अपनी जगह को क्यों बर्बाद करें सिर्फ मछली पाल करके ही क्यों बर्बाद करें क्यों ना हम इसमें एक और व्यापार शुरू करें।

बत्तख पालन का तो वह भी हम लोगों ने शुरू कर दिया हम लोगों ने मछली डालने के बाद लगभग 1 महीने का बत्तख का बच्चा खरीदा जब वह बच्चा थोड़ा और बड़ा हो गया यानी 15 दिन बाद खरीदने के उसको हम लोगों ने तालाब में उतार दिया।

दोस्तों आप डरिए गा मत ऐसा मत सोचेगा कि बत्तख तो मछली को खा जाएगी हमारे यहां तो बिल्कुल भी ऐसा नहीं हुआ क्योंकि जब तक बत्तख बड़ी होती तब तक हमारा मछली का बच्चा भी काफी बड़ा हो गया था और वह बत्तख की पकड़ से काफी दूर दूर हो गया था।

दोस्तों आप जानते हैं फायदा जो हमें बत्तख से होता है, मछली को क्या फायदा होता है? अब हम यह जानेंगे दोस्तों बता जब आपकी पानी में तैरती है ना तो उसके तैरने से पानी में ऑक्सीजन बनता है बहुत से लोग ऑक्सीजन वाली मशीन खरीदकर लगाते हैं भाई हमारे पास तो इतना पैसा नहीं था।

हम लोगों ने ऑक्सीजन वाला पेडल नहीं लगाया बल्कि देसी उपाय करें और उसमें बत्तख छोड़ दी और बता कि तैरने से उसकी नहाने से ढेर सारा ऑक्सीजन पानी में मिलने लग गया मछलियों को दूसरा फायदा?

दोस्तों हम लोग इंसान हैं जिम में जाते हैं एक्सरसाइज करते हैं जिससे हमारी बॉडी बनती हैं हमारी हाइट बढ़ती है हमारी चौड़ाई बढ़ती है बत्तख जब पानी में तैरती है ना तो उसके तैरने से मछलियां डरती है और उस से डरकर भागते हैं कभी इधर कभी उधर और मछलियों के भागने से उनकी एक्सरसाइज होती है और जब एक्सरसाइज होती है उनके बाद में से तो उनकी ग्रोथ भी बहुत अच्छी होती हैं।

तीसरा फायदा तक से दोस्तों जब तक पानी में तैरती है और बीट करती है यानी गंदगी करती है तालाब में तो बता कि गंदगी मछली का आहार हो जाता है आखिर कब तक अब मछली को खरीद खरीद कर खाना खिलाएंगे कुछ तो ऐसा देसी जुगाड़ होना चाहिए कि आपको मछली को खाना भी ना डालना पड़े और आपकी मछली बड़ी होकर के तैयार हो जाए।

दोस्तों हम अपने यहां सिर्फ यही नहीं कुछ और भी ऐसी जुगाड़ू चीजें हैं जो कि अपनी मछलियों को खिलाते हैं जिसकी वजह से हमें खरीद कर खाना नहीं खिलाना पड़ता हैं। जैसे हम लोगों ने अपने यहां गाय पाल रखी है बकरी पाल रखी है मुर्गा पाल रखा है और इनकी एक कनेक्टिंग नाली हैं।

जो कि इन सभी के घर से होकर के तालाब में गिर जाती है यानी इन सब की जो भी गंदगी होती है वह तालाब में गिरती है और वही मछली के खाने का आहार बन जाता है इसके साथ ही हम लोगों ने अपने मछलियों के खाने के लिए अजोला की खेती भी करिए जो कि थोड़े से पानी में हो जाता है और आप इसको खिलाते रहिए।

जैसे हम लोगों को चाऊमीन बहुत पसंद है ना वैसे मछलियों को भी बहुत पसंद है उनको बहुत ही डिलीशियस लगता है कि हुआ है और वह हमारे खाती हैं और अपना पेट भर कर जल्दी से तैयार हो जाती है तो है ना यह बेहतरीन Idea मछलियों को खाना खिलाने की।

दोस्तों अब आप सोच रहे होंगे कि पानी को बदलते कैसे हैं पानी तो गंदा भी हो जाता होगा तो आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं।

हम पानी को समय-समय पर बदलते भी रहते हैं। जब हमें लगता है कि पानी गंदा हो चुका है यह देखिए एक इंजन वाला मोटर लगा है और इसकी एक पाइप तालाब में है दूसरी पाइप इस दीवाल के माध्यम से बाहर निकल रही हैं।

यह इंजन है और यह इसकी एक पाइप तालाब में गई जो कि तालाब में से गंदा पानी ऊपर की तरफ खींचता है और दूसरी तरफ से पानी को यहां से दे करके हमारे खेत में ले जा रहा है जिससे कि खेत की सिंचाई हो रही है खेत को खाद वाला पानी मिल रहा है जैसे खेत के लिए खाद जरूरी हैं।

वैसे ही खेत के लिए खाद वाला पानी भी जरूरी है क्योंकि हम अपने खेतों में देते हैं और इससे बेहतरीन फसल तैयार होती है तो एक तरह से कह सकते हैं कि हम लोग कहीं से भी अपने यहां कोई भी चीज बर्बाद नहीं होने दे रहे हर एक चीज का उपयोग कर रहे हैं।

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